बाड़मेर पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए नकबजनी की वारदात को अंजाम देने वाली अंतर राज्य गैंग का पर्दाफाश करने में सफलता हासिल की है पुलिस ने इस गैंग के 6 सदस्यों को गिरफ्तार कर बाड़मेर जिले में हुई 3 बड़ी नकबजनी की तीन वारदातों का खुलासा कर आरोपियों के कब्जे से 37 लाख8100 रुपए की राशि एक पिस्टल व चार जिंदा कारतूस बरामद किये है। इस पूरी नकबजनी की गैंग को तीन सगे भाई मिलकर चलाते थे।

जानकारी के अनुसार 14 मार्च को धनाऊ थाने में किसान हरीराम पुत्र बांका राम निवासी दीनगढ़ ने मामला दर्ज करवाया कि वह पशुपालन भेड़ बकरियां व जीरा और धान बेचकर जमीन खरीदने के लिए घर में 42लाख 65 हजार रुपए लोहे की पेटियों में रखे हुए थे। 12 व 13 मार्च की मध्य रात्रि को घर के ताले तोड़कर अज्ञात चोर चुरा कर ले गए हैं जिस पर बाड़मेर पुलिस अधीक्षक दिगंत आनंद ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए अलग-अलग टीमों का गठन कर अज्ञात चोरों की तलाश शुरू की जिस पर कोतवाली थानाधिकारी गंगाराम ASI रावताराम व डीएसटी टीम ने आले दर्जे के चोर व नकबजन हेमाराम निवासी भोजावास उसके साथ मोहन लाल व कंवराराम को दस्तयाब कर गहन पूछताछ की तो आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया जिसके बाद पुलिस ने इस अंतर राज्य गैंग के अन्य सदस्य चंदन गिरी, हनुमान राम व सुखराम को गिरफ्तार किया और आरोपियों की निशानदेही से दीनगढ़ निवासी किसान के घर से चोरी किये गये 42 लाख 65 हजार रुपये में से 37 लाख 8100 रुपये बरामद किये। वही इस गैंग के मुख्य सरगना हनुमान राम के कब्जे से एक देशी पिस्टल व चार जिंदा कारतूस भी बरामद किए।

आरोपियों से गहन पूछताछ में बाड़मेर शहर के आकाशवाणी रोड स्थित शराब की दुकान वह बायतु में सोने चांदी की दुकान में भी नकबजनी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया है और गहन पूछताछ करने में जुट गई है जिससे और कई नकबजनी की वारदातें खुलासा होने का अंदेशा है।
इस पूरी अंतरराज्यीय गैंग को तीन सगे भाई हेमाराम,हनुमान राम,सुखराम मिलकर चलाते थे। इस गैंग के मुख्य सरगना हेमाराम के खिलाफ 7 से अधिक नकबजनी के मामले दर्ज है गुजरात के थराद में भी मोटरसाइकिल चोरी में जेल जा चुका है।
नकबजनी की वारदात को अंजाम देने से पहले इस गैंग के सदस्य बाइक, थ्री व्हीलर, फोर व्हीलर गाड़ी को चुराते थे और उसी वाहन से नकबजनी की वारदात को अंजाम देते थे वारदात को अंजाम देने के बाद चोरी किए गए वाहन को सुनसान जगह पर छोड़कर फरार हो जाते थे।
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