विवाहिता का सरकारी हॉस्पिटल में समय पर इलाज नहीं मिलने से मौत का मामला सामने आया है। वही उसके बाद मृतका के परिजन व समाज के लोग अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे है। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही और इलाज नहीं करने का आरोप लगाया है। इससे विवाहिता की मौत हुई है।वहीं CM&HO ने आरोपी डॉक्टरों को एपीओ कर CM&HO ऑफिस में लगाया है। मामला बाड़मेर जिले के सिवाना कस्बे का है। परिजन व समाज के लोग डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग पर अड़े है।

परिजनों के मुताबिक मृतका रमणिया निवासी पप्पूदेवी पत्नी महेंद्र कुमार की रात को तबीयत बिगड़ गई। भाई सुरेश व काकी को साथ लेकर मोकलसर अस्पताल लेकर गए। वहां पर कानसिंह कंपाउडर ने सिवाना अस्पताल जाने को कहा। रात के समय करीब 3 बजे सिवाना सरकारी अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में कंपाउडर को दिखाया। तब कंपाउंडर ने मरीज को डॉक्टर देवराज कड़वासरा को दिखाने के लिए कहा डॉक्टर के निवास स्थान पर दरवाजा खटकटाया व घंटी बजाई तो उन्होने बाहर आकर मरीज को नहीं देखा। कंपाउडर ने बाहर ECG करवाने की सलाह दी। परिजन मातेश्वरी प्राइवेट अस्पताल लेकर गए लेकिन वहां पर कोई डॉक्टर नहीं होने पर वापस सिवाना अस्पताल लेकर गए वहां करीब दो घंटे तक मरीज को लेकर खड़े रहे
आरोप है कि मरीज तड़पती रही लेकिन किसी ने नहीं सुनी
परिजनों का आरोप है कि मरीज दो घंटे तक अस्पताल में तड़पती रही। इलाज के अभाव में मरीज पप्पूदेवी ने करीब 5 बजे दम तोड़ दिया। डॉक्टर देवराज समय पर मरीज का इलाज करते तो शायद उनकी जान बच जाती। इलाज के अभाव में मरीज की मौत हो गई।
परिजन अड़े डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज हो
परिजनों ने डॉक्टर देवराज के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और मुकदमा दर्ज कर पुलिस द्वारा जांच की जाए। मांगे नहीं माने जाने परिजनों ने शव नहीं उठाने की चेतावनी दी। परिजन सुबह से सिवाना हॉस्पिटल के बाहर बीते 8 घंटे से धरने पर बैठे है।
CM&HO ने किया APO
CM&HO डॉ. सी.एस. गजराज के मुताबिक सिवाना अस्पताल (CHC) में महिला की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर आरोप लगाया कि डॉक्टर की लारवाही से मौत हुई है। विवाहिता का शव मॉर्च्यूरी में पड़ा है। जांच होने तक डॉक्टर देवराज को आपो किया गया है।
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