पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले में लगातार हो रही बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से किसानों की फसले खराब हो रही है। मंगलवार शाम शुरू हुई तेज आंधी के साथ बारिश व ओलावृष्टि का दौर देर रात तक चलता रहा। जिले के शिव, भाडखा,निम्बला,बायतु, धोरीमन्ना, गुड़ामालानी,चोहटन इलाके के कई गांवो में तेज बारिश और ओलावृष्टि व रात भर बिजली चमकी, कई जगह पर बिजली गिरने से मवेशियों की मौत भी हुई है। किसानों की पकी पकाई फसलें चौपट हो गई है। तेज बारिश और ओलावृष्टि की वजह से किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई वहीं जिले के कैबिनेट मंत्री हेमाराम चौधरी ,विधायक मेवाराम जैन, हरीश चौधरी, पदमाराम मेघवाल ने सीएम से किसानों को राहत पहुंचाने की मांग की है।

बुधवार दोपहर सैकड़ों किसान एकत्रित हो गए जिला कलेक्टर ऑफिस पहुंचे जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा बताया कि हमारी पकी पकाई फसलें ओलावृष्टि और तेज बारिश की वजह से नष्ट हो गई है उसकी उचित गिरदावरी करवाई जाए वही किसानों ने बीमा कंपनी पर आरोप लगाते हुए कहा की बीमा कंपनियां चोर है वह हमें हमारे क्लेम का पैसा नहीं देती वही प्रीमियम के नाम पर हमारे से 25 हजार से 30 हजार रुपए लिए जाते हैं लेकिन जब फसलें बर्बाद हो जाती है तो वह हमें कुछ नहीं देते

4 महीने की मेहनत मिट्टी में मिल गई
लगातार हो रही बेमौसम बारिश से किसानों की जीरा रायडा इसबगोल सहित कई फसलें 90% से अधिक खराब हो चुकी है किसानों का कहना है कि हमने कई सेठ साहूकारों से और बैंकों से लोन लिया था 4 महीने की जो मेहनत थी वह मिट्टी में मिल गई वही हमें अब सरकार से आस है कि वह हमें उचित मुआवजा देगी जिसे हम सेठ साहूकार और बैंक का व्यवहार कर पाएंगे

समय पर नहीं मिली थी लाइट
एकत्रित होकर पहुंचे किसानों ने आरोप लगाए हैं कि कि हमें 6 घंटे बिजली मिलनी चाहिए थी वह भी हमें पूरे समय नहीं मिली उसके बाद हमने जनरेटर में तेल डाल डाल कर खेती बाड़ी की पर जब फसलें बोरियों में डालने की बारी आई तो भगवान नाराज हो गया और भगवान के आगे किसी की नहीं चलती तेज बारिश और ओलावृष्टि की वजह से सारी फसलें बर्बाद हो गई आखिर हम जाए तो कहां क्योंकि हमारी 4 महीने की मेहनत मिट्टी में मिल गई
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